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बगैर पंजीकरण के शस्त्र लाइसेंसों का नवीनीकरण से पीलीभीत टाइगर रिज़र्व को ख़तरा

बगैर पंजीकरण के शस्त्र लाइसेंसों का नवीनीकरण से पीलीभीत टाइगर रिज़र्व को ख़तरा

Aug 2, 2015

पीलीभीत : पीलीभीत टाइगर रिजर्व मुख्यालय पर पंजीकरण के लिए एक भी शस्त्र लाइसेंस नहीं आया है। ऐसे में बगैर पंजीकरण के शस्त्र लाइसेंसों का नवीनीकरण किया जा रहा है, जिससे टाइगर रिजर्व के नियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। टाइगर रिजर्व गठन के बाद दस किलोमीटर की परिधि में रहने वाले लोगों को शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण कराने से पहले टाइगर रिजर्व मुख्यालय में पंजीकरण कराने के निर्देश हैं। यह निर्देश टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से पिछली साल जारी किए गए थे। लुप्तप्राय वन्यजीव बाघ की वजह से आग्नेय शास्त्रों के पंजीकरण का नियम बनाया गया, जिसका कोई पालन नहीं कर रहा है। यही लगता है कि बगैर पंजीकरण कराए ही शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण का काम हो रहा है।

प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश का कहना है कि टाइगर रिजर्व कार्यालय में एक भी लाइसेंस धारक ने पंजीकरण नहीं कराया है। लाइसेंस धारकों की नई सूची जिला प्रशासन से मांगी जाएगी। उन्होंने कहा कि रिन्युवल से पहले टाइगर रिजर्व में पंजीकरण करना जरूरी है। इससे पता चल जाएगा कि किसी क्षेत्र में कितने शस्त्र लाइसेंस धारक हैं।

 

 

As posted in Jagran.com

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