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पीलीभीत टाइगर रिजर्व में विकसित होगा ग्रासलैंड

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में विकसित होगा ग्रासलैंड

Dec 11, 2014

पीलीभीत : टाइगर रिजर्व में पाए जाने वाले तृणभोजी वन्यजीवों को अब पेट भरने के लिए खेतों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। समस्या को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी ने दो हजार हेक्टेयर भूमि पर ग्रास लैंड बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए 40 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर शासन के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। ग्रासलैंड बन जाने से वन्य जीवों के भोजन के साथ ही उनका जीवन भी सुरक्षित रहेगा। गर्मी के मौसम में प्यास और भूख से व्याकुल होकर जंगल से वन्यजीव आबादी की ओर आ जाते हैं। कारण यह होता है कि वहां खाने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती है। पेट की खातिर अक्सर जंगल में पाए जाने वाले तृणभोजी वन्यजीवों को आबादी के कुत्ते या फिर शिकारी अपना निशाना बना लेते हैं। आए दिन होने वाली घटनाओं को लेकर अधिकारी अब टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद समस्या के निस्तारण पर कार्य करने लगे हैं। टाइगर रिजर्व में पाए जाने वाले तृणभोजी वन्यजीवों को जंगल में ही भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। टाइगर रिजर्व की 2 हजार हेक्टेयर जमीन को इसके लिए चुना गया है। इस जमीन पर ग्रासलैंड बनाया जाएगा। प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश ने इसके लिए 40 लाख रुपए का स्टीमेट तैयार किया है और मंजूरी के लिए शासन को भेजा है। बताया गया है कि केन्द्र से अब प्रदेश सरकार के पास बजट जारी करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि शीघ्र ही बजट को मंजूरी मिल जाएगी।

Deer_in_Sariska_Reserve

तृणभोजी वन्यजीवों पर एक नजर

1. शूकर – 4 हजार

2. पाडा – 9 सौ

3. हिरन – 4 हजार

4. सांवर – 64

(आंकड़े वर्ष 2013 की गणना के हैं।)

काला हिरन भी बढ़ाता है जंगल की शोभा

प्रभागीय वनाधिकार कार्यालय के अनुसार पीलीभीत टाइगर रिजर्व में काला हिरन भी पाया जाता है। वर्ष 2013 की रिपोर्ट के अनुसार इनकी संख्या मात्र 19 है। इसके अलावा भालू की संख्या 71 और तेंदुआ 17 हैं।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश के मुताबिक पीलीभीत टाइगर रिजर्व में भारी संख्या में तृणभोजी वन्यजीव पाए जाते हैं। बेहतर घास के मैदान के लिए सभी रेंजों से दो हजार हेक्टेयर भूमि का चयन ग्रास लैंड के लिए चयनित किया गया है। इसके लिए 40 लाख रुपए का स्टीमेट बनाकर मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया है।

 

 

As posted in Jagran.com

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