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पहल: Wwf ने हरियाली बचाने को दिया रसोई गैस का सहारा

पहल: Wwf ने हरियाली बचाने को दिया रसोई गैस का सहारा

Jun 22, 2015

पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में लकड़ी का अवैध कटान रोकने के लिए विश्व प्रकृति निधि (डबलयूडबलयूएफ) ने बेहतरीन पहल शुरू की है। इसमें जंगल से सटे ऐसे इलाके जहां के ग्रामीण भोजन पकाने के लिए पूरी तरह से जंगल की लकड़ी पर निर्भर थे, उनको रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे है। खास बात यह है कि ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए छूट भी दी जा रही है। पहले चरण में अब तक 56 परिवारों को लाभान्वित किया जा चुका है। नौ जून 2014 को को पीलीभीत का जंगल टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। इसके बाद से ही वन्यजीव एवं जंगल की हरियाली को सुरक्षित बनाए रखने के लिए ठोस कदम केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से उठाए जाने लगे थे। तमाम समाजसेवी संस्थाएं, एनजीओ भी इसको सफल बनाने में जुटी रहीं। हाल ही में टाइगर रिजर्व एक साल पूरा होने पर पर्यटकों के लिए पांच महीने के लिए पंद्रह नबंबर तक बंद कर दिया गया। अब इन पांच महीनों में जंगल की खूबसूरती एवं सुरक्षा के मददेनजर तमाम कार्य किए जाने है। इसी के तहत विश्व प्रकृति निधि की ओर से अवैध कटान रोकने के लिए योजनाबद्ध तरीके से पहल शुरू की गई है। गौरतलब है कि जंगल के सटे तमाम गांव ऐसे है जहां के निवासियों के घर का चूल्हा जंगल की लकड़ी पर ही निर्भर है। ऐसे में निर्भरता कम करने व जंगल में अवैध कटान रोकने के लिए विश्व प्रकृति निधि (डबलयूडबलयूएफ) ने चिन्हित कर ग्रामीणों को रसेाई गैस मुहैया कराने की ठानी है। इसके लिए काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। पहले चरण में टीम ने जंगल से सटे गांव खिरकिया बरगदिया, घिरिया पलिया, मढ़लियाखुर्द  में अब तक 56 ग्रामीणों को गैस कनेक्शन बांटे है। इसमें ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनको प्रत्येक कनेक्शन में 1500 रूपए की छूट भी दी जा रही है। विभागीय अधिकारियों के निर्देषन में आसपास के तमाम गांवों में सर्वे कार्य जारी है। जहां जल्द ही उन्हें भी चिन्हित कर गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे।

-File Photo

– डबलयूडबलयूएफ ने जंगल से सटे गांव में बांटे 56 गैस कनेक्शन

– प्रत्येक ग्रामीणों को दी जा रही है डेढ़ हजार रूपए की छूट

– पीलीभीत टाइगर रिजर्व में अवैध कटान रोकने को हुई पहल

wwf के प्रोजेक्ट ऑफिसर नरेश कुमार का कहना है कि कई गांव ऐसे थे जहां पर ग्रामीण जंगल की लकड़ी पर निर्भर रहते थे। निर्भरता कम करने एवं जंगल को सुरक्षित हरा-भरा रखने के लिए गैस कनेक्शन डेढ़ हजार रूपए की छूट पर ग्रामीणों को दिए जा रहे है। अब तक 56 कनेक्षन दिए जा चुके है। अन्य इलाकों में भी टीमें चिन्हितीकरण कर रहीं है, वहां भी गैस कनेक्षन ग्रामीणों को उपलब्ध कराए जाएंगे।

 

मुख्य संवाददाता वैभव शुक्ला की रिपोर्ट

 

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