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पीलीभीत में वन विभाग ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ से मांगी सहायता

पीलीभीत में वन विभाग ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ से मांगी सहायता

May 11, 2015

पीलीभीत : सामाजिक वानिकी वन प्रभाग ने जंगल के बाहर घूम रहे हिरन समेत कई प्रजातियों के वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ से संसाधनों की सहायता मांगी है। संसाधन के अभाव में वन्यजीवों की सुरक्षा नहीं हो पा रही है। ऐसे में वन्यजीवों की असमय मौत हो रही हैं। तराई के पीलीभीत जनपद के टाइगर रिजर्व व सामाजिक वानिकी में वन्यजीवों का भंडार है। मगर वन्यजीवों की बेहतर ढंग से सुरक्षा न होने की वजह से समय से पहले काल के गाल में समा रहे हैं। जंगल के बाहर घूम रहे वन्यजीव वाहन की टक्कर में मर रहे हैं। पिछले दिनों बरेली रोड पर शाही में एक काले हिरन का शव बरामद किया गया था, जिसकी आईवीआरआई बरेली में मृत्यु हो गई थी। निगोही ब्रांच नहर में चीतल का शव मिला था। इन घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए सामाजिक वानिक प्रभाग ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ को प्रस्ताव बनाकर भेजा है। भेजे गए प्रस्ताव में प्रत्येक रेंज के लिए एक-एक मोटरसाइकिल, जाल, कर्मचारियों को पशु चिकित्सा की ट्रे¨नग दिए जाने समेत कई चीजें शामिल हैं।

प्रभागीजंगल के बाहर कई प्रजातियों के वन्यजीव करते रहते हैं विचरण,य निदेशक आदर्श कुमार का कहना है कि जंगल के बाहर भी कई प्रकार के वन्यजीव घूम रहे है। संसाधनों के अभाव में सुरक्षा काफी मुश्किल से हो रही है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ से संसाधनों की मांग की गई है। अगर संसाधन मिल जाते हैं, तो वन्यजीवों की सुरक्षा में काफी मदद मिलेगी। पहले भी एक जीप और कई जीपीएस मिल चुके हैं।

हिरन बाहुल्य है क्षेत्र

सामाजिक वानिकी प्रभाग में ललौरीखेड़ा, जहानाबाद, शाही, कनाकोर समेत कई गांवों में काले हिरनों का स्वच्छंद विचरण रहता है, जिन्हें एक स्थान पर नहीं रखा जा सकता है। इसी प्रभाग में मोर और सारस भी बहुतायत में पाए जाते हैं।

 

 

As posted in Jagran.com

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