Roar for Tigers

पीलीभीत के जंगल में वन्य जीवों की गणना का प्रथम चक्र पूरा

पीलीभीत के जंगल में वन्य जीवों की गणना का प्रथम चक्र पूरा

Apr 8, 2014

पीलीभीत : जिले के प्राकृतिक जंगलों में वन्य जीवों की गणना के लिए प्रथम चक्र का कार्य पूरा कर लिया गया है। प्रथम चरण में जंगल की स्थिति, वनस्पतियां और कई तरह के जीवों के वास स्थल, गणना के लिए फ्रंट लाइन आदि का ब्योरा प्रमुख वन संरक्षक को भेजा जा रहा है। वन्य जीवों की गणना का कार्य मुख्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद शुरू कराया जाएगा।

तराई के इस जिले में 71 हजार 288 हेक्टेयर क्षेत्रफल में जंगल है। लोकसभा चुनाव की घोषणा से पूर्व शासन ने यहां के जंगलों को वन्य जीव विहार घोषित कर दिया है। जंगलों में बाघों की संख्या 40 से अधिक होने की वजह से जंगल को टाइगर रिजर्व बनाने का मामला भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है। जल्द ही जंगल को टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया जाएगा। वन्य जीव विहार घोषित होने के बाद पहली बार हुई गणना रविवार को पूरी कर ली गई। प्रथम चक्र में महोफ, बराही, हरीपुर, माला एवं दियोरिया रेंज में जंगल की मौजूदा स्थिति, वहां पर पाई जाने वाली वनस्पतियां, विभिन्न प्रकार के तृण भोजी वन्य जीवों के वास एवं भ्रमण स्थलों को चिन्हित किया गया है। इसके साथ ही पांचों रेंजों में जंगल के अंदर बाघ किन-किन स्थानों पर पाए जाते हैं, इसका भी आंकलन किया गया है। अब अगले चक्र में जंगल के अंदर तृण भोजी वन्य जीवों की गणना का कार्य शुरू किया जाएगा। बाघों की गणना के लिए विश्व प्रकृति निधि की तरफ से लेजर कैमरे लगाए जाएंगे। फिलहाल प्रथम चक्र का समस्त ब्योरा प्रदेश के प्रमुख वन संरक्षक को भेजा जा रहा है। पीलीभीत के प्रभागीय वनाधिकारी राजीव मिश्रा के मुताबिक वन्य जीव गणना की तैयारी के तहत प्रथम चक्र पूरा हो गया है। इसका पूरा ब्योरा उच्चाधिकारियों को भेजा जा रहा है। अगला चरण शासन से स्वीकृति मिलने के बाद ही शुरू किया जाएगा।

As posted in Jagran.com

468 ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *