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लेज़र कैमरे से ढूंढ़े जा रहे बाघ की मौत के सुराग़

लेज़र कैमरे से ढूंढ़े जा रहे बाघ की मौत के सुराग़

May 1, 2015

पीलीभीत : बराही रेंज की हरदोई ब्रांच नहर में पाए गए बाघ के शव के हत्यारों का पता नहीं चल पा रहा है। शिकारियों का सुराग ढूंढ़ने के लिए पूरे जंगल में लेजर कैमरे लगा दिए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से मौत के सुराग ढूंढ़े जा रहे हैं। वहीं वन अफसर हत्यारों तक पहुंचने में दिन रात एक कर रहे हैं। 23 अप्रैल को हरदोई ब्रांच नहर में सुबह दस बजे जवान बाघ का उतराता हुआ शव बरामद किया गया। बाघ का शव का पोस्टमार्टम आईवीआरआई में कराया गया, लेकिन अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रमुख वन संरक्षक ने पीएम रिपोर्ट तलब की है। इससे यही प्रतीत हो रहा है कि बाघ की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। बाघ की मौत के जिम्मेदारों तक पहुंचने के लिए टाइगर रिजर्व प्रशासन ने जंगल क्षेत्र में लेजर कैमरे लगा दिए हैं, जो पल पल की गतिविधियों को कैद कर रहे हैं। आने वाले समय में बाघ के हत्यारों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। लेजर कैमरे का डाटा डाउनलोड होने के बाद ही कुछ पता चल सकेगा।

वहीं डीएफओ कैलाश प्रकाश अपनी अधीनस्थ अफसरों के साथ जंगल में कॉम्बिंग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लग रहा है। शिकारी भी अपना स्थान बदल कर पल पल की खबर रख रहे हैं। डीएफओ ने बताया कि जंगल में गश्त की जा रही है। जंगल व सटे इलाकों पर विशेष नजर रखने के लिए लेजर कैमरे लगवाए गए हैं। रिजल्ट के बारे में कुछ दिन बाद ही पता चल पाएगा।

घायल होने की सूचना नहीं

टाइगर रिजर्व की माला रेंज के खाईखेड़ा गांव के पास एक हिरन कुत्तों के दौड़ाने से घायल हो गया। इस मामले में वन अफसरों को किसी प्रकार की कोई सूचना नहीं है। डीएफओ के मुताबिक, हिरन के घायल होने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई। मामले को दिखवाया जा रहा है।

 

 

As posted in Jagran.com

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