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पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में बनेंगे ईको सेंसटिव जोन

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में बनेंगे ईको सेंसटिव जोन

Jun 8, 2015

टाइगर रिजर्व से जुड़े पांच किलोमीटर क्षेत्र को ईको सेंसटिव जोन बनाने की कवायद की जा रही है। इसके लिए विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजा है। प्रस्ताव स्वीकृत हो जाने से ईको सेंसटिव जोन में गैर वानिकी कार्यों पर पूर्णतया प्रतिबंध लग जाएगा। लगभग एक वर्ष पूर्व नौ जून को जिले के जंगलों को टाइगर रिजर्व को घोषित किया गया था। इसके बाद यहां बाघ संरक्षण के लिए कई काम कराए गए साथ ही जंगल में आम आदमी का प्रवेश बंद कर दिया गया था। दिल्ली से आई एनटीसीए (नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथारिटी) की टीम ने जंगल से सटे क्षेत्र को ईको सेंसटिव जोन बनाने के निर्देश दिए थे। प्रारंभ में इसके लिए जंगल से सटे दो से 10 किलोमीटर क्षेत्र का प्रस्ताव रखा गया लेकिन स्थानीय स्तर पर हुई बैठक में इसे निरस्त कर दिया गया। अब पुन: इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें जंगल क्षेत्र से सटे पांच किलोमीटर क्षेत्र के 276 गांव को चिंहित कर ईको सेंसटिव जोन में रखे जाने की योजना है। विभाग ने इसका प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेज दिया है। स्वीकृति मिलने पर जंगल से सटे पांच किलोमीटर क्षेत्र में गैर वानिकी कार्य नहीं हो सकेंगे।

-File Photo

इन कार्यों पर रहेगा प्रतिबंध

-ईंट भट्टा
-आरा मशीन
-बड़े उद्योग की स्थापना
-चटाई उद्योग
-प्लाईवुड फैक्ट्री
-लकड़ी फर्नीचर का काम

पक्के निर्माण के लिए लेनी होगी अनुमति

जंगल से पांच किलोमीटर क्षेत्र में गैर वानिकी कार्यों के साथ पक्के निर्माणों पर भी रोक रहेगी। होटल, रिसोर्ट, भवन आदि नहीं बन सकेंगे। यदि इनका निर्माण करना है तो विभाग से अनुमति लेनी होगी। पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश के मुताबिक ईको सेंसटिव जोन का प्रस्ताव बनाकर शासन के माध्यम से भारत सरकार को भेजा गया है। स्वीकृत होने पर इसे लागू किया जाएगा।

 

 

As posted in Amarujala.com

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