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पर्यटकों के लिए मुश्किल होंगे सप्त सरोवर के दीदार

पर्यटकों के लिए मुश्किल होंगे सप्त सरोवर के दीदार

Nov 4, 2014

पीलीभीत, पूरनपुर: पीलीभीत टाइगर रिजर्व 15 नवंबर से पर्यटकों के लिए खुल रहा है लेकिन इस बार पर्यटकों को जंगल के बीच बने खूबसूरत स्थान सप्त सरोवर यानी सात झील के दर्शन शायद नहीं हो पाएंगे। वन विभाग अभी तक इस स्थान तक पहुंचने का रास्ता नहीं तलाश पाया है। सप्त सरोवर (सात झाल) पीलीभीत टाइगर रिजर्व का एक खूबसूरत स्थल है। बराही रेंज में स्थित सात झाल पुरानी नहर का अवशेष है। वर्ष 1926 में जब बाइफरकेशन परियोजना के तहत नहरों का निर्माण कराया गया था तो अतिरिक्त पानी शारदा में छोड़े जाने के लिए एक आउटलेट नहर बनाई गई थी। जब 1951 में शारदा सागर डैम बनाया गया तो इस नहर को बंद करके डैम को भरने के लिए सीधी नहर बना दी गई।

पुरानी नहर के अवशेष ही सात झील के रूप में जाने जाते हैं। डीएम रहते अदिति ¨सह ने इस स्थान की फे¨सग कराकर एक सुंदर दो मंजिला लकड़ी का बंगला एवं दो हटें बनवाई थीं। झील को नहर से पानी देने की योजना भी तैयार की गई थी ताकि पर्यटकों को लुभाया जा सके। इस स्थल का जंगल व पर्यटन के बोर्डों में प्रचार प्रसार भी कराया गया था। यह बोर्ड पर्यटकों को सप्त सरोवर की ओर आकर्षित करते हैं लेकिन शायद ही पर्यटक इस खूबसूरत स्थान तक पहुंच पाएं। कारण साफ है जंगल में स्थित सात झाल बाइफरकेशन से करीब 5 किमी दूर है और जंगल मार्ग से कोर जोन में पर्यटकों को जाने दिया जाए या नहीं इस पर वनाधिकारी मंथन कर रहे हैं। सेल्हा बाबा मजार के आगे बसी सेल्हा कालोनी वाले रास्ते से ही वहां पहुंचा जा सकता है लेकिन इस मार्ग पर भी जंगल के रास्ते ही जाना होगा। यदि पर्यटकों को जंगल में घुमाने की बात हो तो सात झाल को बाइफरकेशन तरफ से रास्ता दिया जाना चाहिए। इससे पर्यटक एक पंथ दो काज कर सकेंगे। बराही रेंजर मो. शहनयाज ने बताया कि अभी सात झाल पहुंचने के रास्ते पर निर्णय नहीं हुआ है। आला अधिकारी जैसा आदेश देंगे उसी के अनुरूप काम होगा।

 

 

 

As posted in Jagran.com

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