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वीरान पड़ा पीलीभीत टाइगर रिजर्व का वन चेतना केंद्र

वीरान पड़ा पीलीभीत टाइगर रिजर्व का वन चेतना केंद्र

Apr 5, 2015

पीलीभीत : पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज में बना वन चेतना केंद्र देखरेख के अभाव में वीरान हो गया। यहां पर कई साल पहले लगाए गए खेलकूद उपकरण व हट का निर्माण जीर्णशीर्ण हालत में पहुंच गया है। ये सभी काम आपरेशन ग्रीन योजना के तहत कराए गए थे। टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में किसी को जाने की इजाजत नहीं होती है। इसके विपरीत कोर एरिया में बने ईको टूरिज्म स्पाट चूकाबीच में हर दिन टूरिस्ट घूमने के लिए पहुंचते हैं। गाड़ियों के शोरगुल से बाघ समेत सभी वन्यजीवों को नुकसान पहुंचता है। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने वाहनों पर अंकुश लगाने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किए। माला रेंज के गढ़ा जंगल में आसाम हाईवे के किनारे आपरेशन ग्रीन के तहत वन चेतना केंद्र का निर्माण कराया गया था, जिसे फेंसिंग कराकर बच्चों के खेलने के लिए उपकरण लगाए गए। एक हट बनवाई गई थी। मगर टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से वन चेतना केंद्र के रखरखाव की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। इसी वजह से लाखों खर्च करने के बावजूद चेतना केंद्र वीरान पड़ा हुआ है।

उंगलियों पर गिने टूरिस्ट स्पाट

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में घूमने के लिए कुछ ही स्पॉट हैं, जहां पर एक ही दिन में आसानी से सैर की जा सकती है। महोफ रेंज के बाइफरकेशन, चूकाबीच, बराही रेंज के सप्त सरोवर के साथ जंगल का भ्रमण कर आनंन उठाया जा सकता है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश के मुताबिक कोर जोन एरिया में पड़ने की वजह से वन चेतना केंद्र विकसित नहीं किया जाएगा। गढ़ा जंगल क्षेत्र में किसी प्रकार के पर्यटन स्पाट नहीं बढ़ाए जाएंगे। टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जो पर्यटन स्थल हैं। इन पर्यटन स्थलों पर ही टूरिस्टों को घूमने की इजाजत दी जाएगी।

 

 

As posted in Jagran.com

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