Roar for Tigers

तराई की जंगल पट्टी में कैमरा ट्रैकिंग

तराई की जंगल पट्टी में कैमरा ट्रैकिंग

Jan 11, 2014

तराई की पूरी जंगल पट्टी अब कैमरे की जद में आएगी। पीलीभीत,लखीमपुर और बहराइच के साथ श्रावस्ती व महाराजगंज के जंगल भी अब वन्यजीवों गणना के लिए चिन्हित किए गए हैं। श्रावस्ती के सोहेलवा में तो साइन सर्वे का काम भी शुरू हो चुका है। यह कवायद तराई के जंगलों में बाघों की संख्या जानने के लिए हो रही है। सरकार ने वन्यजीवों के गणना का काम डब्ल्युडब्ल्युएफ को सौंपा है। यह संस्था पहले भी वन्यजीवों की गणना कर चुकी है। पिछली बार संस्था ने किशनगंज, दुधवा टाइगर रिजर्व, कतरनियाघाट सेंचुरी क्षेत्र के साथ नेपाल में भी गणना का काम किया था। इस बार दुधवा टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की गणना का काम शुरू हो चुका है। यहां शाकाहारी और मांसाहारी वन्यजीवों की गिनती के लिए कैमरे लग चुक हैं। इसके बाद कतरनिया सेंचुरी क्षेत्र में कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरे लगाने के काम में वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ कमलेश कुमार,आशीष बिष्ट और डॉ. रोहित कुमार काम कर रहे हैं। डब्ल्युडब्ल्युएफ के जिला परियोजना अधिकारी दबीर हसन ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व के अलावा, कतरनिया सेंचुरी, उत्तर खीरी व दक्षिण खीरी वनक्षेत्र भी इस योजना में शामिल हैं। विशेषज्ञ पीलीभीत वनक्षेत्र के अलावा बलरामपुर और श्रावस्ती के सोहेलवा व महाराजगंज जिले के सोहगीकरवा वनक्षेत्र में भी गणना के लिए कैमरे लगाएंगे। दबीरहसन ने यह भी बताया कि अभी सोहेलवा में साइन सर्वे काम चल रहा है। सारी कवायद तराई के जंगलों में बाघों की संख्या की जानकारी के लिए हो रही है। सक्रिय है शिकारियों का गिरोह तराई के जंगलों में शिकारियों का बड़ा गिरोह सक्रिय है। कतरनियां सेंचुरी में मंगलवार की रात छह शिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। गुरुवार को भी सेंचुरी क्षेत्र में गुंजरी गेरुआ नदी से सुरेन्द्र नामक शिकारी पकड़ा गया। वह पांच बड़े कछुए नाव से लेकर जा रहा था। इससे पहले यहां वन्यजीव अंग तस्कर गिरोह सरगना संसारचंद गिरोह से जुड़ा एक शिकारी पकड़ा गया था। डीएफओ आशीष तिवारी के मुताबिक जानवरों को शिकारियों से बचाने के लिए सख्त व्यवस्था की गई है। जो भी जानवरों का शिकार करने की कोशिश करेगा, पकड़ा जाएगा।

As posted in navbharattimes.com

468 ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *