Roar for Tigers

पीलीभीत में घायल हुए काले हिरन ने आइवीआरआई में तोड़ा दम

पीलीभीत में घायल हुए काले हिरन ने आइवीआरआई में तोड़ा दम

Apr 30, 2015

पीलीभीत : सामाजिक वानिकी प्रभाग क्षेत्र के शाही के पास वाहन की टक्कर से गंभीर घायल हुए काले हिरन की इलाज के दौरान आइवीआरआई बरेली में मौत हो गई। जहानाबाद क्षेत्र में काले हिरन बहुतायत में पाए जाते हैं, जो स्वच्छंद रूप से घूमते रहते हैं। गेहूं, गन्ना समेत कई फसलों में घूमने के आदी होते हैं। टाइगर रिजर्व में काले हिरन की प्रजाति पाई जाती है। काले हिरन के संरक्षण के लिए कई बार पर्यावरण संगठनों ने आवाज उठाई, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं की गई। मंगलवार को सामाजिक वानिकी प्रभाग के ललौरीखेड़ा कंपार्टमेंट में शाही के समीप रोड क्रास करते समय अज्ञात वाहन ने काले हिरन को जोरदार टक्कर मारी थी, जिसमें पिछली दोनों टांगें टूट गई थी। प्राथमिक इलाज कराने के बाद आइवीआरआई भेजा गया, जहां पर इलाज किया गया। बुधवार की सुबह छह बजे काले हिरन की मौत हो गई, जो ढाई साल का था। प्रभागीय निदेशक आदर्श कुमार ने बताया कि घायल काले हिरन की मौत हो गई। पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें चोट सहन न करने की वजह से मौत होना बताया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पीलीभीत-बरेली नेशनल हाईवे पर स्टाफ को एलर्ट कर दिया गया है। वन्यजीवों के विचरण पर खास निगरानी शुरू कर दी गई है।

-File Photo

 

काले हिरन की खासियत

-काला हिरन शेड्यूल-वन का वन्यजीव है।

-शिकार करना पूर्णतया प्रतिबंधित है।

-शिकार करने के दोषी को सात साल कैद है।

-काले हिरन 10-12 साल की आयु होती है।

-वन्यजीव जंतु संरक्षण अधिनियम में कार्रवाई होती है।

 

 

As posted in Jagran.com

468 ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *