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पीलीभीत टाइगर रिजर्व बनने से किसानों को होगा फायदा

पीलीभीत टाइगर रिजर्व बनने से किसानों को होगा फायदा

Apr 21, 2014

पीलीभीत : अगर टाइगर रिजर्व घोषित हुआ तो किसानों को फायदा मिलेगा। जंगली पशु फसल नष्ट करने या किसी पर हमला करेंगे तो उसका मुआवजा दिया जाएगा। फिलहाल टाइगर रिजर्व को घोषित करने की प्रक्रिया चल रही है। जिले के 71 हजार 228 हेक्टेयर क्षेत्रफल के जंगल में बाघ, तेंदुआ समेत दूसरी अन्य प्रजातियों के वन्य जीव रहते हैं। अगर ये जंगली पशु किसानों पर हमला कर देते हैं या फिर उनकी फसलों को नष्ट कर देते हैं। किसानों की समस्या को देखते हुए वन क्षेत्र टाइगर रिजर्व घोषित करने की तैयारी है। सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मामला राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण में पहुंच चुका है। प्राधिकरण तो कई साल पहले ही टाइगर रिजर्व के लिए अपनी सैद्धांतिक सहमति दे चुका है। देरी राज्य सरकार की ओर से प्रस्ताव अनुमोदित करके भेजने में हो रही थी।

जिला प्रशासन, वन विभाग एवं जिले के सत्ताधारी पार्टी के जनप्रतिनिधियों की पैरवी पर शासन ने पहले टाइगर रिजर्व प्रस्ताव का अनुमोदन किया। इसके बाद यहां के जंगलों को वन्य जीव विहार घोषित कर दिया। टाइगर रिजर्व बनने से पहले वन्य जीव विहार घोषित करना आवश्यक माना जाता है। टाइगर रिजर्व हो जाने से एक तो दुनिया के पर्यटन नक्शे पर पीलीभीत जिला आ जाएगा। साथ ही यहां पयर्टन बढ़ने से आर्थिक प्रगति बढ़ेगी। इसमें सबसे खास बात यह होगी कि अब किसानों की फसलें वन्य जीव के नष्ट करने पर उन्हें मुआवजा मिल सकेगी। साथ ही यदि कोई वन्य जीव पालतू पशुओं या किसी व्यक्ति पर हमला कर देता है तो उसका भी मुआवजा मिलेगा।

पीलीभीत के प्रभागीय वनाधिकारी  राजीव मिश्रा के मुताबिक पीलीभीत टाइगर रिजर्व बनना लगभग तय हो चुका है। लोकसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से भी इसके लिए मंजूरी की औपचारिकता पूरी हो जाएगी। टाइगर रिजर्व होने से जंगल किनारे जिन किसानों के खेत हैं, उन्हें फसलें उजड़ने पर क्षतिपूर्ति मिल सकेगी।

 

As posted in Jagran.com

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