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पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में बाघ की मौत पर बराही रेंजर निलंबित

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में बाघ की मौत पर बराही रेंजर निलंबित

May 6, 2015

पीलीभीत : पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज में मृत मिले बाघ के शव मामले में क्षेत्रीय वनाधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है। वन क्षेत्राधिकारी महोफ को बराही रेंज का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया। नौ जून 2014 को पीलीभीत टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। इसके बाद वन विभाग और एनटीसीए के अफसरों के बीच लुप्तप्राय बाघ संरक्षण किए जाने पर विचार विमर्श किया गया। इस साल नेपाल के कंचनपुर जिले में पकड़े गए गभिया सहराई निवासी दुलाल मंडल की सुरागरसी पर बराही रेंज में कई बाघों की मौत की जानकारी मिली। इस मामले में एक दर्जन से अधिक शिकारियों को जेल भेजा जा चुका है। फील्ड स्टाफ को समय समय पर पेट्रोलिंग तेज करने की हिदायत दी गई। मगर घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले 23 अप्रैल को बराही रेंज में हरदोई ब्रांच नहर से पांच वर्षीय बाघ का शव बरामद किया गया था। इस पर जमकर होहल्ला मचाया गया। रुहेलखंड जोन के मुख्य वन संरक्षक एमपी सिंह और प्रभारी वन संरक्षक बरेली वृत्त धर्म सिंह ने अलग-अलग जांच की थी। इसके बाद बाघ मौत की जांच रिपोर्ट प्रदेश शासन को भेज दी गई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश शासन ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी मोहम्मद शाहनियाज को सस्पेंड कर दिया। इस संबंध में प्रदेश के प्रमुख वन संरक्षक डा.रूपक डे का आदेश डीएफओ को प्राप्त हो गया है। डीएफओ के मुताबिक, शासन ने बराही के क्षेत्रीय वनाधिकारी को शासन ने सस्पेंड कर दिया है। इस आदेश से अवगत करा दिया गया है। नई तैनाती होने तक क्षेत्रीय वनाधिकारी महोफ केपी सिंह को चार्ज दिया गया है।

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शासन ने कार्रवाई से दिया कड़ा संदेश

प्रदेश शासन ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज में मृत बाघ मामले में क्षेत्रीय वनाधिकारी को सस्पेंड करने की कार्रवाई के साथ कड़ा संदेश दिया है। लुप्तप्राय प्रजाति बाघ के संरक्षण में किसी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए गए। एक साल पहले भी 23 वन अफसर और कर्मचारी सस्पेंड किए गए थे। 1तराई क्षेत्र के पीलीभीत जंगल को नौ जून 2014 को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया था। इसके बाद लुप्तप्राय बाघ को संरक्षण की दिशा में प्रयास तेज हुए। टाइगर रिजर्व को एक साल होने को आ रहा है, लेकिन सुविधाएं और संसाधन के मामले में फिसड्डी साबित हो रहा है। संसाधन बढ़ाने की दिशा में नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथारिटी नई दिल्ली भी कोई खास मदद नहीं कर रहा है। पिछले साल जुलाई माह में अवैध कटान समेत कई आरोपों में डीएफओ, एसडीओ, तीन रेंजर, एक डिप्टी रेंजर और वन कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था। यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। अंत में विभागीय जांच में सभी अफसर और कर्मचारी निदरेष पाए गए थे। इन सबको बहाल कर दिया गया, लेकिन अभी भी एक अफसर निलंबित चल रहे हैं। 23 अप्रैल को बराही रेंज की हरदोई ब्रांच नहर में पांच वर्षीय बाघ का शव मिलने से हड़कंप मच गया था। इस मामले में दो वन कर्मियों को सस्पेंड किया जा चुका है। इससे पहले एक बराही रेंज में तैनात एक डिप्टी रेंजर भी निलंबित हो चुका है। जांच होने के बाद अब बराही रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी को निलंबित कर दिया गया। टाइगर रिजर्व बनने के बाद अब तक 27 वन अफसर व कर्मचारी सस्पेंड हो चुके हैं। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बाघ संरक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं की जाएगी। बाघ संरक्षण करने की जिम्मेदारी सभी की है। वन रेंज को सस्पेंड कर टाइगर रिजर्व प्रशासन को कड़ा संदेश दिया है।

आवाजाही पर रोक के हो प्रयास

पीलीभीत टाइगर रिजर्व बनने के बाद जंगल के आसपास अवैध घुसपैठ रोकने पर ही काम हो रहा है, लेकिन अभी भी जंगल में बेधड़क लोग आ जा रहे हैं, जबकि इन दिनों बाघों की गणना चल रही है। अगर बाघों को बचाना है, तो अनाधिकृत रूप से जाने वाले लोगों की आवाजाही पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाना होगा। जंगल से साइकिलों के निकलने की रफ्तार कम नहीं हुई। लकड़ी वाली साइकिल निकलवाने में वन कर्मचारी अहम रोल निभाते हैं।

खाली पड़ा एसडीओ का पद

माला के उप प्रभागीय वनाधिकारी एसआर सिंह का उत्तराखंड कैडर में तबादला होने के बाद राम औतार सिंह की तैनाती की गई, लेकिन वह स्थाई रूप से मुख्यालय पर नहीं रह गए। उन्होंने अपना तबादला अन्यत्र करा लिया। शासन ने सालों से रिक्त माला के एसडीओ पद पर किसी अफसर की तैनाती नहीं की है, जबकि माला उप प्रभाग की रेंजों में बाघों की बहुलता है। एसडीओ न होने से डे-नाइट पेट्रोलिंग करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

जंगल पहुंचे बरेली के वन संरक्षक

बरेली वृत्त के वन संरक्षक वीके चोपड़ा अधीनस्थ वन अफसरों के साथ पीलीभीत टाइगर रिजर्व जंगल पहुंच गए। वन संरक्षक जंगल में भ्रमण करने के दौरान अचानक पेट्रोलिंग के बारे में जानकारी भी ली। वन संरक्षक के अचानक दौरे से टाइगर रिजर्व प्रशासन में हडकंप मचा रहा। उनके साथ डीएफओ कैलाश प्रकाश समेत कई अफसर मौजूद रहे।

कब तैनात होगा फील्ड डायरेक्टर?

नौ जून को पीलीभीत टाइगर रिजर्व की स्थापना को एक साल का समय हो जाएगा। इस एक साल के समय में प्रदेश शासन वन संरक्षक रैंक के अधिकारी को फील्ड डायरेक्टर पद पर तैनात नहीं कर सका है। इस संबंध में कई बार पत्राचार हुए। खादी एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री रियाज अहमद ने डीआरडीए बोर्ड बैठक में खुद घोषणा की थी।

 

 

As posted in Jagran.com

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