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पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की उपलब्धियों का किया गया बखान

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की उपलब्धियों का किया गया बखान

Jun 10, 2015

पीलीभीत : पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पहला स्थापना दिवस केक काटकर धूमधाम से मनाया गया। बेहतर कार्य करने वाले वन कर्मियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। एक साल में कराए गए कार्यों का बखान किया गया। बनकटी रोड स्थित पीलीभीत टाइगर रिजर्व सभागार में पहला स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि डीएम ओमनारायण सिंह ने केक काटकर पीलीभीत टाइगर रिजर्व की पहली वर्षगांठ मनाई। डीएफओ कैलाश प्रकाश ने टाइगर रिजर्व में एक साल में कराए कार्यों का ब्योरा पेश किया। डीएम श्री सिंह ने वन्यजीव संरक्षण में बेहतर काम करने वाले शंकर सिंह, रघुवीर रावत, मशरूर अब्बास, हरीश कुमार, साजिद हसन, रामचंद्र, सुभाष बाबू, रमेश भट्ट आदि को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि टाइगर रिजर्व में काम करने वाले वन कर्मियों को लकड़ी कटान पर पाबंदी लगाने का काम करना होगा। इसके लिए उन्हें द्रढ़ संकल्प लेना होगा, तभी टाइगर रिजर्व को मजबूत बना सकेंगे। बीपीएल परिवारों को गैस कनेक्शन देने की तैयारी की जा रही है, जिस पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। इस मौके पर उप प्रभागीय वनाधिकारी डीपी सिंह, तराई आर्कलैंड स्केप के समन्वयक डा. मुदित गुप्ता, माला रेंजर डीके सिंह, महोफ रेंजर केपी सिंह, बराही रेंजर अनिल शाह, प्रशासनिक अधिकारी हरीशचंद्र, रिटायर्ड एसडीओ राजाराम शर्मा, सर्वेश कुमार, ज शू चक्रवर्ती, कैलाश चंद्र, जैगम खां, दबीर हसन, परवेज हनीफ आदि मौजूद रहे। संचालन डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने किया।

 

-File Photo

नहीं आए मुख्य वन संरक्षक

रुहेलखंड जोन के मुख्य वन संरक्षक एमपी सिंह को पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रथम स्थापना दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल होना था। मगर ऐनवक्त पर मुख्य वन संरक्षक स्थापना दिवस समारोह में शामिल नहीं हो पाए। यह चर्चा का विषय बना रहा।

वन्यजीवप्रेमी समारोह से रहे दूर

वन्यजीव संरक्षण की दिशा में काम करने वाली कई संस्थाओं को पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रथम स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने के लिए बुलावा पत्र नहीं भेजा गया। इस वजह से संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग नहीं किया। जनपद में वाइल्ड लाइफ बायो डायवर्सिटी संस्था, सेव इन्वायरंमेंट वेलफयर सोसाइटी, पर्यावरण सुधार संस्थान, टरक्वायज वाइल्ड लाइफ कंजरवेशन सोसाइटी आदि संस्थाएं काम कर रही हैं।

 

 

As posted in Jagran.com

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