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एक बाघ को तलाश रहे हैं 150 शिकारी

एक बाघ को तलाश रहे हैं 150 शिकारी

Jan 15, 2014

दक्षिणी भारत के मशहूर पर्वतीय स्थल ऊंटी में जंगल से सटे चाय बागान में एक नरभक्षी बाघ को पकड़ने का सघन अभियान चलाया जा रहा है. नीलगिरी के ज़िला कलेक्टर पी शंकर के अनुसार, इस नरभक्षी ने पिछले कई दिनों से इतना आतंक मचा रखा है कि उसे पकड़ने के लिए इलाक़े के चप्पे-चप्पे में 45 कैमरे और 150 बंदूकधारी लगाए गए हैं. इस नरभक्षी बाघ के आतंक से क़रीब 12 हज़ार लोग प्रभावित हुए हैं।  यह इलाक़ा है डोड्डाबेट्टा जो ऊंटी से करीब 14 किमी की दूरी पर स्थित है. कुंदसप्पी, तुमलाहट्टी और बत्तराकोम्बई कुछ और ऐसे इलाक़े हैं जहां नरभक्षी का आतंक है। इन इलाक़ों में कर्फ़्यू जैसे हालात बने हुए हैं. लोगों को सलाह दी गई है कि वे ख़ासकर शाम को अकेले बाहर ना निकलें. इससे इलाक़े के करीब 45 स्कूल भी प्रभावित हुए हैं.

बंद रहेंगे स्कूल

ज़िला कलेक्टर ने बताया है कि यहां के स्कूल तब तक बंद रहेंगे जब तक कि नरभक्षी बाघ पकड़ा नहीं जाता.

ऊटी नरभक्षी शेर

इस बाघ ने पिछले 10 दिनों में तीन लोगों को मार डाला है.तमिलनाडु के नीलगिरी ज़िले में स्थित डोड्डाबेट्टा जंगल की सीमा से लगे हुए चाय बागान के आसपास रहने वाले लोग काफी डरे हुए हैं.नीलगिरी के ज़िला कलेक्टर पी शंकर ने बीबीसी रेडियो से बताया, “आशा है कि हम बाघ को शुक्रवार तक पकड़ लेंगे. तब तक यदि बाघ पकड़ा नहीं गया तो पोंगल त्योहार की छुट्टियों के बाद खुल रहे स्कूल आगे भी बंद रहेंगे.”

पोंगल त्योहार

इलाके में नरभक्षी बाघ को पकड़ने का अभियान ज़ोर-शोर से चल रहा है.

ऊटी नरभक्षी

नीलगिरी के ज़िला कलेक्टर पी शंकर ने बताया, ”हमने यहां पहले 25 कैमरे लगाए थे. आज हमने 20 कैमरे और लगाए हैं. शेर को खोजने के लिए स्थानीय ग्रामीणों के साथ हमारे 150 कर्मचारी लगे हुए हैं.”पोंगल त्योहार के कारण कई लोग यहां घूमने आए हैं. दक्षिण भारत में फसल से जुड़ा त्योहार पोंगल काफी धूमधाम से मनाया जाता है. इस बाघ ने अपना पहला शिकार 4 जनवरी को किया था. 33 साल की कविता का आधा खाया हुआ शव अगले दिन लोगों को मिला. नरभक्षी ने तीन दिन बाद अपना अगला शिकार किया. यह शिकार 58 साल की एक बूढ़ी महिला थी.

दूसरी घटना

ऊटी नरभक्षी

इस महिला पर नरभक्षी ने तब हमला किया जब वह चाय बागान से अपने एक साथी मज़दूर के साथ घर लौट रही थी. झाड़ियों के पीछे छिपकर बैठे शेर ने उस पर हमला किया और खींचकर भीतर ले गया. नीलगिरी के ज़िला कलेक्टर पी शंकर ने बताया, ”हमने उस नरभक्षी का सामना करने के लिए तीन प्रशिक्षित हाथियों पर निशानेबाज़ी में निपुण बंदूकधारियों को तैनात किया है.”

ऊटी नरभक्षी

घने जंगलों का यह इलाका दक्षिणी भारत के तीन राज्यों- तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल से सटा हुआ है. इस इलाक़े में बाघ के नरभक्षी होने की यह दूसरी घटना है. बीते साल नवंबर के अंतिम हफ्तों में एक बाघ ने कर्नाटक के बांदीपुर वन इलाके में तीन लोगों को मार डाला था.हफ़्तों की तलाश के बाद उस नरभक्षी बाघ को पकड़ लिया गया था. जब वह पकड़ा गया तो उसके शरीर पर कई चोटें थीं. वन अधिकारियों ने उसे मैसूर के चिड़ियाघर में भेज दिया था.

As posted in www.bbc.co.uk

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