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सावधान: भारत में तेजी से सिमटते रहे हैं जंगल

सावधान: भारत में तेजी से सिमटते रहे हैं जंगल

Sep 24, 2015

वन संरक्षण को लेकर चलाए गए तमाम उपायों के बावजूद भारत में इसका असर नहीं हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 25 वर्षो में भारत में वन क्षेत्र सबसे तेज रफ्तार से कम हुए हैं। इस अवधि में दुनिया भर में दक्षिण अफ्रीका के क्षेत्रफल इतना वन क्षेत्र समाप्त हो चुका है।

यूएन ने पिछले सप्ताह ‘वैश्विक वन संसाधन आकलन, 2015’ रिपोर्ट पेश किया था। इसके मुताबिक वन क्षेत्र में कमी की दर में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन ढाई दशक में पर्याप्त मात्रा में वनों का क्षरण हो चुका है। वर्ष 1990 से 2015 तक दुनिया भर में जंगल का दायरा तीन फीसद तक सिमट चुका है। आंकड़ों के लिहाज से जंगल का क्षेत्र दस अरब एकड़ से घटकर 9.88 अरब एकड़ पहुंच गया है। इसका मतलब है कि 31.9 करोड़ एकड़ भू भाग से वनों का सफाया हो चुका है। प्राकृतिक वन क्षेत्र 6 फीसद तक सिमटे हैं। जलवायु परिवर्तन का सबसे ज्यादा असर वर्षा आधारित वनों पर पड़ा है। इसमें दस फीसद की दर से कमी दर्ज की गई है।

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बढ़ाने होंगे वन क्षेत्र

मेलबर्न विवि के वन मामलों के विशेषज्ञ प्रोफेसर रॉड कीनन की अध्यक्षता वाली टीम ने संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन के लिए यह आंकड़ा तैयार किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया की बढ़ती जनसंख्या के हित के लिए वन क्षेत्र बढ़ाना होगा। कृषि योग्य जमीन विकसित करने के लिए सबसे ज्यादा वनों का विनाश किया गया है। इसका सबसे ज्यादा असर ब्राजील, इंडोनेशिया और नाइजीरिया में पड़ा है। हालांकि, 2010 से 2015 के बीच वन क्षेत्र में कमी की दर आधी हो चुकी है।

 

 

 

As posted in Jagran.com

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