Roar for Tigers

रिपोर्ट!!! पीलीभीत टाइगर रिजर्व में हिरन बदल रहे अपना रूप

रिपोर्ट!!! पीलीभीत टाइगर रिजर्व में हिरन बदल रहे अपना रूप

Nov 6, 2015

पीलीभीत : टाइगर रिजर्व के हिरनों ने व्यक्तिगत रुचि लेकर अपना रूप बदलने में महारत हासिल कर ली है। जनाब, चौंकिए नहीं, यह पूरी तरह से सच है। इस बदलाव को वन्यजीवी शोध कर्ताओं ने दो साल की अथक मेहनत के बाद पकड़ लिया है। रहस्य व जिज्ञासा पर से परदा हटाते हुए बता दें कि टाइगर रिजर्व में चार नस्ल के हिरनों के आपसी समागम से हिरनों के रंग-रूप व चाल-ढाल में बदलाव आ गया है। एक नस्ल के दूसरी प्रजाति से मेल करने पर हिरन नस्लों में हो रहा परिवर्तन वन्य जीव विशेषज्ञों में चर्चा व शोध का विषय बना हुआ है। जानकारी को बता दें कि टाइगर रिजर्व में बारह सिंघा हिरन, सांभर हिरन (सांबर), चीतल हिरन (स्पॉट), काकड़ा हिरन (बार्किंग) व पाड़ा हिरन (हॉग) पांच प्रजाति के हिरन पाए जाते हैं। इसमें से चीतल नस्ल हिरन ने पाड़ा एवं काकड़ा हिरन प्रजाति से मेल कर पीरियड सैट कर लिए हैं। जिसके कारण पाड़ा तथा काकड़ा हिरन की बॉडी पर स्पॉट नजर नजर आने लगे हैं।

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जबकि यह स्पॉट केवल स्पॉट नस्ल के डियर की बॉडी पर ही पाए जाते हैं। लेकिन इस बदलती प्रजाति के सींगों की दशा एवं दिशा वैसी ही है, जैसी उस प्रजाति की शुरू से होती चली आ रही है। इस नवीन प्रजाति को वन विभाग नवीन नाम देने की कोशिश में लगा हुआ है। दरअसल एसडीओ पूरनपुर पीके सिंह एवं वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर बिलाल रजा खां विगत दो वर्ष से निरंतर हिरन की नस्लों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। द्वय वन्यजीव विशेषज्ञों ने हिरन की विपरीत नस्लों की मेल तथा समागम बाद बच्चे के जन्म पश्चात तक निगाह बनाए रखी। जन्म होने के बाद जब बच्चे का गहन निरीक्षण किया गया तो जन्मदात्री प्रजाति से भिन्न पाया। अब इन परिवर्तित रूप में पैदा बच्चे बड़े होकर एक-दूसरे ग्रुप में कुलांचे भी भरने लगे हैं। वॉचर अभी भी सभी ग्रुप्स पर निगाह रखे हुए हैं। एक पूरी जेनरेशन पाड़ा नस्ल हिरन से चीतल नस्ल हिरन में और चीतल नस्ल हिरन की पाड़ा हिरन में परिवर्तित हो गई है। इससे टाइगर रिजर्व को नई-नई नस्ल के हिरनों की मौजूदगी आने वाले समय में बहुत फायदा देगी। नई-नई नस्लों के हिरन टाइगर रिजर्व को मिलेंगे। इसमें चौसिंघा हिरन भी शामिल है। वहीं वन्यज व विशेषज्ञों को हिरन की एक नई प्रजाति चौसिंघा भी मिली है, जो भारत में दस साल से विलुप्त थी। यह नस्ल केवल टाइगर रिजर्व पीलीभीत में ही पाई जाती है। असल में एक पाड़ा नस्ल की हिरनी नेपाल देश से मेल कर वापस लौटी तो चौसिंघा हिरन प्रजाति को जन्म दिया।

कन्वर्ट हुए 130 बच्चे हैं जो नई प्रजाति का आगाज हैं। जब भी एक हिरन दूसरे हिरन के ग्रुप में मेल करता है तो मीटिंग करने वाले हिरन प्रजाति से अलग नस्ल का मिक्स हिरन पैदा होता है। यह टाइगर रिजर्व के लिए खुशी की बात है कि आने वाले पांच साल में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में नई प्रजातियां दिखाई देने लगेगी।

पीके सिंह, एसडीओ पूरनपुर, टाइगर रिजर्व पीलीभीत।

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