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पीलीभीत टाइगर रिज़र्व: हिरन के सींग छीन प्रकृति देती अगली जेनरेशन

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व: हिरन के सींग छीन प्रकृति देती अगली जेनरेशन

Nov 10, 2015

पीलीभीत : सब जानते हैं कि मानव व पशुओं के बाल व नाखून बढ़ कर कटते रहते हैं। वहीं सांप के शरीर से केंचुल उतरती है। मगर क्या यह सुना कि जंगल में कुलांचे भरने वाले हिरन की शान सींग प्रति वर्ष झड़ते हैं। जी हां जनाब, यह पूरी तरह सच है तथा हिरन के सीगों का हिरन की आने वाली नस्लों से गहरा ताल्लुक है। यदि सालाना सींग नहीं झड़ते तो हिरनों की नस्ल ही आगे नहीं बढ़ती। फिर भला त्रेतायुग में श्री रामचंद्र भगवान स्वर्ण मृग का रूप धरे राक्षस मारीच का वध कैसे करते और कलयुग में फिल्म अभिनेता सलमान खान को मारने को काला हिरन कहां से मिलता? दरअसल प्रकृति ने हिरन की आगामी नस्ल की सुरक्षा का जिम्मा उठा रखा है।

दरअसल हिरनी के गर्भधारण करते ही हर साल नर हिरन के सींग झड़ने शुरू हो जाते हैं। प्रकृति ने ही दोनों घटनाओं का समय एक ही रखा है। हिरनी के गर्भधारण करने के पश्चात जब हिरन हीट पकड़ता है तो वह हिरनी के संपर्क में आना चाहता है। जबकि हिरनी गर्भ की सुरक्षा के चलते एकांत तलाश लेती है। इस पर नर हिरन खीझ कर मादा हिरनी पर लगातार अपने सिर से लगातार प्रहार करता है। जिससे कई बार हिरनी के पेट पर भी चोट पहुंचती है। कुदरत का निजाम ऐसा कि उस समय हिरन के सभी सींग झड़ चुके होते हैं। अगर उस दौरान हिरन के सींग होते तो निश्चित ही हिरनी के गर्भाशय पर चोट लगती और दुनियां में आने से पहले ही हिरनी के गर्भ में बच्चा मर जाता। यह भी कुदरत का अजीब निजाम है कि बच्चे के जन्म के बाद हिरनी उसके पालन-पोषण में पूरा ध्यान देती है। उस समय तक हिरन के सींग पूरे झड़ने के बाद नए सींग आने का क्रम शुरू हो चुका होता है। जो इतने कोमल होते हैं कि जरा सी छुअन पर ही खून निकलने लगता है। तब हिरन एकांतवास की राह पकड़ लेता है और हिरनी नवजात बच्चों को संरक्षा देते हुए बड़े करने का अवसर मिल जाता है।

 

जब हिरनी गर्भवती हो जाती है, ठीक उसी समय हिरन के सींग गिरने लगते हैं। हिरन जब हीट हो जाता है तो वह हिरनी के दूरी बना लेने पर गुस्सा होकर हिरनी को सिर सेमारता है। प्रकृति का विधान अपना सकुशल संचालन कर हिरन के सींग ही गिरा देता है।

-दिनेश प्रकाश सिंह, उप प्रभागीय वन अधिकारी, टाइगर रिजर्व, पीलीभीत।

 

टाइगर रिजर्व में हैं पांच प्रकार के हिरन

1-चीतल

2-बारह सिंघा

3-सांभर

4-पाड़़ा

5-काकड़

 

 

 

As posted in Jagran.com

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