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पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में एक भी असलाह नहीं है पंजीकृत

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में एक भी असलाह नहीं है पंजीकृत

Sep 16, 2015

पीलीभीत : टाइगर रिजर्व के जंगल के दस किमी के दायरे में पड़ने वाले गांवों के शस्त्रधारकों को अपने असलहों का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। मगर अभी तक किसी भी असलाहधारक ने टाइगर रिजर्व दफ्तर में पंजीकरण नहीं कराया है, जबकि असलहों की संख्या काफी है। इस संबंध में जिला प्रशासन को पत्र लिखा गया है।

टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद ईको सेंसेटिव जोन बनाया जाता है। इस जोन में जाने वाले गांवों में पर्यावरण पर विशेष ध्यान दिया जाता है, क्योंकि गांवों के समीप जंगल में रहने वाले वन्यजीवों को नुकसान पहुंचता है। अब टाइगर रिजर्व के जंगल के दस किलोमीटर परिधि में आने वाले गांवों में रहने वाले शस्त्रधारकों को पंजीकरण कराना अनिवार्य रखा गया।

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टाइगर रिजर्व के एक साल बाद भी किसी शस्त्रधारक ने पंजीकरण कराना उचित नहीं समझा है। वर्तमान में एक भी शस्त्र का पंजीकरण नहीं है। इस पर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर शस्त्रधारकों के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है। उन्होंने बताया कि जंगल के चारों ओर दस किमी दायरे में आने वाले शस्त्रधारक अपना पंजीकरण करा लें। शस्त्रों का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। ऐसा न करने वाले शस्त्रधारकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वन्यजीवों की सुरक्षा की दिशा में शस्त्र पंजीकरण किया जा रहा है। शस्त्रधारक असलहे का पंजीकरण करा लें, जिससे असुविधा से बचा जा सकेगा।

 

 

 

As posted in Jagran.com

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