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पीलीभीत टाइगर रिजर्व में आठ शिकारी, पहचान उजागर

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में आठ शिकारी, पहचान उजागर

Oct 21, 2015

पीलीभीत : टाइगर रिजर्व में रात का अंधेरा होते ही वन माफिया, शिकारी, लकड़ी तस्कर मुस्तैद हो जाते हैं। टाइगर रिजर्व के सुरक्षा अधिकारियों को कानों-कान भनक नहीं लगती है। जरायम का जंगल में देररात चोरी से आना-जाना कोई नया नहीं है। मगर जंगल में लगे कैमरे ने कुछ शिकारियों को कैद कर लिया है। कैमरे का पुराना डाटा देखने पर यह राज खुल गया। यह राज खुलता ही नहीं अगर कैमरे की पकड़ में शिकारी न आते। इसके बावजूद भी विभाग शिकारियों की खबर को लीक न कर आपस में ही निबटा लेना चाहता है।

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बता दें कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में माला, महोफ, माधोटांडा, हरीपुर, दियोरिया पांच रेंज हैं। इनको 52 एरिया में विभाजित किया गया है। जिसमें कुछ समय पूर्व 230 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। जब इन कैमरों से 15 दिन पुराना डाटा निकाला गया तो इसमें आठ हथियारबंद शिकारी जंगल में घूमते नजर आए। कैमरे की मेमोरी चिप में रात के अंधेरे में मुंह पर ढाटा लगाए हुए आठ शिकारियों की गतिविधियां पकड़ में आई हैं। शिकारियों के हाथों में रस्सी, टार्च, डंडा, वन्य जीव को बांधने के लिए जाल उनकी कमर पर बंधा नजर आ रहा है। वहीं दो शिकारियों के हाथ में इकनाली बंदूक भी है। विभाग के द्वारा कैमरों के डाटा की गहन पड़ताल करने पर शिकारी नैना कोट, शेरपुर, चंदिया हजारा, रामनगरा ग्राम के निवासी के रूप में पहचान उजागर हुई। विभाग ने संबंधित ग्राम के निवासियों को कैमरे में कैद शिकारियों को दिखाया। जिस पर ग्रामवासियों ने शिकारियों की पहचान उजागर कर दी है। विभाग गुपचुप तरीके से शिकारियों की पड़ताल कर रहा है। इस संबंध में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रभागीय वन अधिकारी कैलाश प्रकाश से पूछने पर टालने की कोशिश की। जबकि रेंज माला के वन क्षेत्राधिकारी डीके ¨सह ने पहचान उजागर होने की बात कही मगर पकड़ने में देरी के कारण को बताने में आनाकानी की। मरौरी रेंज में दो लड़के पकड़े गए जो वन क्षेत्र से अवैध रूप से लकड़ी लेकर आ थे।

 

 

 

As posted in Jagran.com

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