Roar for Tigers

पीलीभीत टाइगर रिजर्व: आखिर कहां गया तीसरा शावक!

पीलीभीत टाइगर रिजर्व: आखिर कहां गया तीसरा शावक!

Oct 28, 2015

पीलीभीत। भले ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन गणना में बाघों की संख्या 44 आने पर पीठ थपथपा रहा हो। पर एक सवाल का जबाव विभाग के उच्चाधिकारियों के पास भी नहीं है। अमरिया में बाघिन द्वारा जन्मे गए तीन शावकों में से दो की मौजूदगी के प्रमाण लगातार मिल रहे है। लेकिन तीसरा शावक कहां है, किसी को कोई जानकारी नहीं है। विभाग की ओर से लगातार कैमरे लगाकर गायब शावक का पता लगाने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका है। जबकि बाघिन के दोनों शावकों से दूर कानपुर पहुंचने के पुख्ता प्रमाण मिले है। अब विभागीय अधिकारी बकाया दोनों शावकों को सुरक्षित जंगल पहुंचाने की तैयारी में जुटे हुए है।

tiger-cub-wallpapers
बता दें कि साल 2012 में अमरिया क्षेत्र में एक बाघिन ने तीन शावकों को जन्म दिया था। कैमरे में तस्वीर कैद होने के बाद वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर उमड़ पड़ी थी। विभाग की ओर से भी इसकी मानिटरिंग कराई गई। कैमरे लगाकर बाघिन एवं शावकों पर नजर रखने का काम किया गया। दो शावक उप -व्यस्क हो चुके है, लेकिन वर्तमान समय में तीसरे शावक का कोई अता पता नहीं है। वह जिंदा भी है या नहीं , इस बात को लेकर भी कोई पुख्ता टिप्पणी नहीं की जा सकती। हाल ही में कराई गई बाघों की गणना में भी तीसरे शावक के बारे में कोई साक्ष्य सामने नहीं आए थे। हां इतना जरूर सामने आया कि शावकों को जन्म देने वाली बाघिन हरदोई के रास्ते कानपुर पहुंच गई है। बकाया दो शावक अभी अमरिया में ही मौजूद एवं स्वस्थ है। तीसरे शावक की तलाश के लिए विभाग की ओर से कई प्रयास किए गए , लेकिन कोई पुख्ता परिणाम सामने नहीं आ सके है। इसके अलावा आबादी से सटे इलाकों में पल बढ़ रहे दोनों शावक भी भविष्य में खतरा बन सकते है। मनुष्य और शावक दोनों को एक दूसरे से खतरा बना हुआ है। ऐसे में शावकों को वापस सुरक्षित जंगल में पहुंचाना विभाग का लक्ष्य बना हुआ है। यह शावक पूर्व में बकरी आदि का शिकार भी कर चुके है। व्यस्क होने से पहले आबादी की सुरक्षा के लिहाज से इनको जंगल में पहुंचाया जाएगा। फिलहाल तीसरे शावक के गायब होने पर तमाम तरह के सवाल विभाग पर खड़े किए जा रहे है। जिनका अब तक कोई पुख्ता जबाव सामने नहीं आ सका है।

कहीं हो तो नहीं गया शिकार ?

लापता शावक का शिकार तो नहीं हो गया, यह सवाल बार बार खड़ा हो रहा है। बता दें कि सितंबर माह में एक शिकारी अलमोड़ा के पास पकड़ा गया था। इसके पास से विभागीय टीम ने दो साल के शावक की खाल भी बरामद की थी। इसके अलावा दो तेंदुए की खालें भी बरामद हुई। यही नहीं पकड़े गए शिकारी ने कबूल भी किया था कि उसने पीलीभीत के जंगल में शिकार किया है। ऐसे में तीसरे शावक का शिकार होने की बात भी लगातार प्रकाश में है। हालांकि वनविभाग की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है।

गन्ना कटने के बाद दुबारा होगी कार्रवाई

अमरिया में मौजूद दो शावकों को पकड़कर जंगल पहुंचाने के लिए पहले भी प्रयास किए गए। लेकिन क्षेत्र में अधिकाधिक फसलें होने के कारण गन्नें में शावक भाग गए। जिस कारण उनको पकड़ा नहीं जा सका। अब विभाग की ओर से दुबारा प्रयास किया जाएगा। गन्ना की कटाई के बाद टीमें दोनों शावकों को पकड़ने का काम करेंगी।

दोनों शावकों को पहुंचाया जाएगा जंगल: प्रभागीय निदेशक

सामाजिक वानिकी के प्रभागीय निदेशक आदर्श कुमार ने बताया कि अमरिया में तीसरा शावक बाघिन के साथ था या फिर जंगल में ही छूट गया, इस बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं है। ज्वाइन करने के बाद बताया गया था कि अमरिया में दो ही शावक है। बाघिन के जाने के बाद दोनों शावकों का आबादी के बीच होना खतरे से खाली नहीं है।  आबादी और शावक दोनों को एक दूसरे से खतरा है। पहले भी प्रयास किए गए थे, पर सफल नहीं हो सके। अब गन्ने की कटाई के बाद दुबारा इनको जंगल पहुंचाने का काम किया जाएगा, ताकि शावक सुरक्षित रहें। इसके लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है।

सीएम से होगी बात: विधायक

बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक हेमराज वर्मा ने कहा कि जंगल को बेहतर बनाने के लिए हम हरसंभव प्रयास करेंगे। अगर विभाग के सामने कहीं संसाधनों की कमी आढ़े आ रही है तो उसका भी समाधान कराया जाएगा। मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाकर जल्द परिणाम निकाले जाएंगे।

 

 

 

 

 

Vaibhav Shukla, Senior Correspondent

Pilibhit Tiger Reserve Bureau

468 ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *