Roar for Tigers

खुशखबरी: पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में ज़बरदस्त इज़ाफा!!! जंगल में दहाड़ रहे 44 बाघ

खुशखबरी: पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में ज़बरदस्त इज़ाफा!!! जंगल में दहाड़ रहे 44 बाघ

Oct 8, 2015

पीलीभीत। वन्यजीव प्रेमिकों के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व की ओर से एक तोहफा पेश किया गया। टाइगर रिजर्व घोषित हो चुके जिले के जंगल में 44 बाघ दहाड़ मार रहे है। वन्यजीव सप्ताह के अंतिम दिन मुख्य वन संरक्षक ने बीते दिन हुई बाघ गणना की घोषणा की। जिसमें गत वर्ष की अपेक्षा बाघों की संख्या में खासा इजाफा देखने को मिला है। बता दें कि घोषित की गई इस संख्या में उप व्यस्क एवं शावकों को भी शामिल किया गया है।
पीलीभीत का जंगल नौ जून 2014 को राजनेताओं एवं तमाम समाजसेवी संस्थाओं की मशककत के बाद टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। साल 2014 में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 28 बाघ पाए गए थे। जिसके बाद इस साल 2015 की वर्तमान संख्या जानने के लिए वनविभाग की ओर से विश्व प्रकृति निधि (डबलयूडबलयूएफ) की मदद लेकर बाघों की गणना का काम कराया गया। जून माह में 208 स्थानों पर कैमरा स्टेशन लगाकर साठ दिन तक निगाहबानी की गई। इसमें दो लाख सत्ताईस हजार फोटो लिए गए। इसके अलावा वनविभाग के कर्मचारियों ने जंगल के एकाएक कोने में पहुंचकर जीपीएस डिवाइस का इस्तेमाल कर पदचिन्हों की जानकारी दर्ज कराई। एकत्र किया गया समस्त डाटा एम स्ट्राइप्स नामक शाफ्ट वेयर में अपडेट किया गया। जिसके बाद एक्सपर्ट के द्वारा फोटो में सामने आए पदचिन्हों एवं बाघ के शरीर की धाराओं का मिलान कराया गया। बारीकी से छानबीन करने के बाद अब विभाग की ओर से बाघ गणना के परिणाम घोषित किए गए। वन्यजीव सप्ताह के समापन समारोह पर मुख्य वन संरक्षक एमपी सिंह ने सामने आए परिणाम की जानकारी दी। उन्होने बताया कि गणना पूरी करने के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 44 बाघों की मौजूदगी के प्रमाण मिले है। इसमें तीन उप-व्यस्क एवं छह शावक भी शामिल किए गए है। मुख्य वन संरक्षक ने बताया कि बाघों की गणना का काम पूरा होने के बाद से संख्या सामने आई है। इसके पीछे तमाम समाजसेवी संगठन, लोगों की जागरूकता एवं कर्मचारियों की मेहनत है।

कैमरों की अधिक संख्या भी रही मददगार

बाघों की गण्ना के बाद सामने आई बढ़ोत्तरी का कारण जंगल में लगाए गए कैमरों की अधिक संख्या एवं जीपीएस डिवाइस के इस्तेमाल को माना जा रहा है। बता दें कि साल 2014 में गणना के लिए सिर्फ 117 कैमरों का प्रयोग किया गया था। पर इस बार संख्या लगभग दोगुनी रखी गई। जिसकारण जंगल के अधिकांश भाग को आवरित किया जा सका।

अब तक हुई गणनाओं में सामने आई बाघों की संख्या

वर्ष संख्या
2001 – 26
2003 – 32
2005 – 35
2007 – 36
2011 – 33
2013 – 30
2014 – 28

पोस्टर के जरिए जागरूक होंगे ग्रामीण

बाघों की संख्या में बढ़ोत्तरी के बाद खुशनुमा माहौल के बीच वनविभाग के अधिकारियों ने वन्यजीवों के सरंक्षण को लेकर भी प्रभावी कदम उठाए। जिसमें सुरक्षा संदेश लिखे पोस्टरों की मदद से गांव की जनता को जागरूक किया जाएगा। डीएम मासूम अली सरबर ने पोस्टर का अनावरण किया। जिसके बाद अब विभाग की ओर से गांव गांव यह पोस्टर चस्पा कराए जाएंगे।

 

 

 

 

Vibhav Shukla, Principal correspondent

PilibhitTigerReserve.com Bureau

468 ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *